top of page
Search

आंखों के पीछे सिर दर्द (Headache Behind Eyes): 9 सामान्य कारण, लक्षण और बचाव

  • Aug 4
  • 5 min read
आंखों के पीछे सिरदर्द

आंखों के पीछे होने वाला सिरदर्द (Headache Behind Eyes) एक ऐसी समस्या है जिसे बहुत से लोग सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यह दर्द केवल आंखों की थकान का संकेत नहीं होता, बल्कि माइग्रेन, साइनस संक्रमण, ग्लूकोमा या दृष्टि संबंधी समस्याओं जैसी गंभीर स्थितियों का भी संकेत हो सकता है। यदि यह दर्द बार-बार हो रहा है या इसके साथ धुंधला दिखाई देना, आंखों में लालिमा, मतली या तेज रोशनी से परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना आवश्यक है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आंखों के पीछे सिरदर्द क्यों होता है, इसके 9 सबसे सामान्य कारण क्या हैं, किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।



आंखों के पीछे सिरदर्द क्या होता है?

आंखों के पीछे महसूस होने वाला दर्द ऐसा लगता है जैसे आंखों के अंदर या पीछे दबाव बन रहा हो। यह दर्द एक आंख या दोनों आंखों के पीछे महसूस हो सकता है। कभी यह हल्का और लगातार रहने वाला होता है, तो कभी अचानक तेज दर्द के रूप में सामने आता है। दर्द के साथ धुंधली दृष्टि, आंखों में पानी आना, चक्कर या सिर के अन्य हिस्सों में दर्द भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में दर्द का वास्तविक कारण समझना बेहद जरूरी है क्योंकि उपचार उसी पर निर्भर करता है।



1. माइग्रेन (Migraine)

आंखों के पीछे सिरदर्द का सबसे सामान्य कारण माइग्रेन है। माइग्रेन केवल सिरदर्द नहीं बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें सिर के एक हिस्से में धड़कन जैसा दर्द होता है और अक्सर यह आंखों के पीछे भी महसूस होता है। माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी, तेज आवाज और तेज गंध से परेशानी बढ़ सकती है। कई लोगों को मतली, उल्टी और धुंधला दिखाई देना भी महसूस होता है। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर दो-तीन दिनों तक रह सकता है। यदि माइग्रेन बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर उचित दवाएं और जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी होता है।


2. आंखों पर अधिक तनाव (Eye Strain)

आज के समय में कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप का लगातार उपयोग आंखों पर अत्यधिक दबाव डालता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे आंखों के पीछे दर्द और सिरदर्द होने लगता है। इसके साथ आंखों में जलन, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी हो सकती है।

इस समस्या से बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाना चाहिए। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।



3. साइनस संक्रमण (Sinus Infection)

साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर आंखों और माथे के आसपास दबाव महसूस होता है। यही दबाव आंखों के पीछे दर्द और सिरदर्द का कारण बन सकता है। यदि दर्द के साथ नाक बंद होना, बुखार, चेहरे में भारीपन या गालों में दर्द भी हो, तो यह साइनस की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराकर उचित उपचार लेना चाहिए।


4. ग्लूकोमा (Glaucoma)

ग्लूकोमा एक गंभीर आंखों की बीमारी है जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ जाता है और ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचने लगता है। एक्यूट एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा में आंखों के पीछे अचानक बहुत तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ आंख लाल होना, धुंधला दिखाई देना, रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे दिखना और उल्टी जैसी समस्या भी हो सकती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए क्योंकि इलाज में देरी स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकती है।



5. गलत नंबर का चश्मा

यदि आपका चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस का नंबर सही नहीं है, तो आंखों को लगातार अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे आंखों के पीछे दर्द, सिरदर्द और पढ़ने में परेशानी हो सकती है। यदि लंबे समय से आंखों की जांच नहीं कराई है, तो एक बार व्यापक नेत्र परीक्षण अवश्य करवाएं।



6. ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome)

आंखों में पर्याप्त आंसू न बनने या जल्दी सूख जाने से ड्राई आई सिंड्रोम होता है। इससे आंखों में जलन, चुभन, भारीपन और आंखों के पीछे हल्का दर्द महसूस हो सकता है। एयर कंडीशनर, लंबे समय तक स्क्रीन का उपयोग और बढ़ती उम्र इसके सामान्य कारण हैं। आर्टिफिशियल टियर्स और उचित आंखों की देखभाल से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।



7. क्लस्टर हेडेक (Cluster Headache)

क्लस्टर हेडेक अत्यंत तीव्र दर्द वाला सिरदर्द होता है जो सामान्यतः एक आंख के पीछे महसूस होता है। दर्द के दौरान आंख से पानी आना, आंख लाल होना, नाक बहना और बेचैनी भी हो सकती है। यह दर्द अचानक शुरू होकर 15 मिनट से 3 घंटे तक रह सकता है। इसका उपचार न्यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में किया जाता है।



8. तनाव और चिंता (Stress and Anxiety)

लगातार मानसिक तनाव भी आंखों के पीछे सिरदर्द का कारण बन सकता है।

तनाव के कारण सिर और गर्दन की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे दर्द आंखों के पीछे तक महसूस हो सकता है। पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, योग और ध्यान तनाव कम करने में सहायक हो सकते हैं।



9. अन्य गंभीर चिकित्सीय कारण

कुछ मामलों में आंखों के पीछे सिरदर्द का कारण न्यूरोलॉजिकल या अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे मस्तिष्क में संक्रमण, ऑप्टिक न्यूराइटिस या दुर्लभ स्थितियों में ब्रेन ट्यूमर। हालांकि ऐसे मामले कम होते हैं, लेकिन यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो, दृष्टि प्रभावित हो रही हो या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।



किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

यदि आंखों के पीछे दर्द के साथ अचानक दृष्टि धुंधली हो जाए, आंख लाल हो जाए, तेज रोशनी से परेशानी हो, उल्टी या मतली हो, आंखों में सूजन हो या दर्द कई दिनों तक बना रहे, तो स्वयं दवा लेने की बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।



आंखों के पीछे सिरदर्द से बचाव कैसे करें?

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करें और नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर और आंखें हाइड्रेटेड रहें। अच्छी नींद लें क्योंकि नींद की कमी सिरदर्द को बढ़ा सकती है। संतुलित आहार लें जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल, बादाम और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों। यदि चश्मा पहनते हैं तो समय-समय पर आंखों की जांच कराकर नंबर अपडेट करवाएं। नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन भी सिरदर्द की संभावना को कम करते हैं।



डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

यदि आंखों के पीछे सिरदर्द बार-बार हो रहा है, दर्द की तीव्रता बढ़ती जा रही है, दर्द के साथ दृष्टि में बदलाव हो रहा है या सामान्य दवाओं से राहत नहीं मिल रही है, तो नेत्र विशेषज्ञ से तुरंत जांच करानी चाहिए। शुरुआती जांच से गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उपचार अधिक प्रभावी होता है।



निष्कर्ष

आंखों के पीछे सिरदर्द हमेशा सामान्य थकान का संकेत नहीं होता। इसके पीछे माइग्रेन, आंखों पर तनाव, साइनस, गलत चश्मा, ड्राई आई, ग्लूकोमा या अन्य गंभीर कारण हो सकते हैं। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ दृष्टि में बदलाव, आंखों में लालिमा या तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर नेत्र परीक्षण और सही उपचार आपकी आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आपको अक्सर आंखों के पीछे दर्द या सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो किसी अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ से व्यापक आंखों की जांच अवश्य करवाएं। सही समय पर की गई जांच न केवल दर्द का कारण पता लगाने में मदद करती है, बल्कि आपकी दृष्टि को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी सहायक होती है।


अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करें: 96 25 903017


Comments


Logo Drishti Care
Drishti Care is where vision meets compassion. We combine advanced technology with heartfelt care to help you see the world brighter and clearer.

Zindagi Ko Dijiye Nayi Drishti...

QUICK LINKS

Cataract Surgery
Lasik Laser
Contoura/SMILE
ICL Surgery
Retina Treatment
Cornea Treatment
Glaucoma Treatment
Squint Treatment
Oculoplasty Treatment
Admin Login

Contact Us

Corporate Office: 293-A, Okhla, New Delhi-110025
Call: +91-9625 9030 17
Email: help@drishticare.in

 
  • Instagram
  • Facebook
  • X

© 2024-25 by Drishti Care. | Privacy Policy | Terms & Conditions | Developed and Managed By: 

WebGenius Logo.gif
bottom of page